स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाने वाले वीर सपूत मुकुटधारी प्रसाद चौहान व् बुद्धू नोनिया पर बन रही डॉक्यूमेंट्री

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Documentry on Buddhu Nonia and Mukutdhari Prasad Chauhan

स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाने वाले वीर सपूत मुकुटधारी प्रसाद चौहान व् बुद्धू नोनिया पर बन रही डॉक्यूमेंट्री (Documentry on Buddhu Nonia and Mukutdhari Prasad Chauhan): हम अवगत हैं और भली भांति जानते हैं की भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हमारे देश के वीर सपूतों का क्या अहम् भूमिका और बलिदान रहा है| इस आजादी को पाने में हमने देश के कितने सच्चे सपूतों राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, भगत सिंह, आजाद, बिस्मिल आदि को खो दिया पर उनकी बातें और बलिदान हमेशा हमारे जेहन में रहता है और हमें गर्व होता है की हम उस देश में जन्म लिए जिस देश में इन जैसे महान सपूत पैदा हुए जिन्होंने देश में एक क्रांति लायी, कई आंदोलन किये, सोये हुए अवाम को जगाने का काम किया जिस से अंतत: अंग्रेजो कोरत छो भाड़ जाना पड़ा|

Documentry on Buddhu Nonia and Mukutdhari Prasad Chauhan

स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाने वाले वीर सपूत मुकुटधारी प्रसाद चौहान व् बुद्धू नोनिया पर बन रही डॉक्यूमेंट्री

ऐसे ही स्वतंत्रता संग्राम के २ वीर सपूत जो इतिहास के पन्नो में कहीं खो गए जिनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता पर एक डॉक्यूमेंट्री मूवी बन रही है जो जल्द ही रिलीज़ होने की सम्भावना है वो दो सपूत थे बिहार प्रदेश के चम्पारण के मुकुटधारी प्रसाद चौहान व् बेगूसराय के बुद्धू नोनिया|

अंग्रेजो के खिलाफ चाहे नोनिया विद्रोह हो या महात्मा गाँधी का चम्पारण सत्याग्रह या भगत सिंह का बलिदान, जो देश की आजादी में अहम् भूमिका निभाया जिसमे बिहार वासियों के साथ पुरे देश के अवाम का महत्वपूर्ण योगदान रहा| महात्मा गाँधी के काफी करीब के शिष्य मुकुटधारी प्रसाद चौहान की प्रतिमा आज भी चमपारण में महात्मा गाँधी के भितहरवा आश्रम में स्थापित है|

उस दौर में जब गाँधी को अंग्रेजों के डर से किसी ने रहने या ठहरने का आसरा नहीं दिया तब इस भारत माँ के महान सपूत ने निडर और भयमुक्त होकर भितरवा आश्रम के लिए अपनी निजी जमीन देश की आजादी के लिए महात्मा गाँधी को  दान दिया जिस से भितहरवा आश्रम की नीव राखी गयी और शुरुवात हुयी देश की आजादी के लिए पहली सीधी की|

बिना अंजाम को जाने मुकुटधारी प्रसाद चौहान ने अंग्रेजों के खिलाफ हल्ला बोल दिया वही बुद्धू नोनिया जिन्होंने सुखधारी सिंह चौहान के नेतृत्व में अंग्रेजो के खिलाफ जंग छेड़ी| पुरे सूबे के अवाम को एकजुट कर लड़ने को प्रोत्साहित किया तब अंग्रेजों ने कैद कर कई जुल्म ढाहे और अधीनता स्वीकार करने को कहा| तरह तरह के प्रलोभन दिए पर उनके इरादों और देश भक्ति को हिला नहीं सके और तेल से खौल खौलते तेल में उन्हें डाल दिया और वो वीर गति को प्राप्त हो गए| ऐस ही कई वीर सपूत हैं जो इतिहास के पन्नो में खो गए और हम उनके बलिदान को भी भुला गए|

उपरोक्त निम्न बातें रचनात्मक नोनिया संयुक्त संघ के सलाहकार समिति के सदस्य हरिश्चंद्र महतो द्वारा प्राप्त हुयी| उन्होंने बताया की चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह से ही डॉक्यूमेंट्री मूवी पर कार्य चल रहा है| भितहरवा आश्रम में हुए नोनिया समाज द्वारा शताब्दी समारोह में मुख्य अथिति रही बिहार सरकार की पर्यटन मंत्री अनीता देवी ने मुकुटधारी प्रसाद चौहान की विशाल प्रतिमा स्थापित करने का भी आश्वासन दिया था|

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